बिजली की तरह कड़कना  

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बिजली की तरह कड़कना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- रोष पूर्वक बिगड़ना।

प्रयोग- आज तो तुम बिना बात के ही बिजली की तरह कड़क रहे हो।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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