मधुच्छंदा  

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मधुच्छंदा विश्वामित्र के 101 पुत्रों में बीच वाले एक पुत्र का नाम था, जो ऋग्वेद के अनेक मंत्रों के द्रष्टा थे।[1][2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भागवतपुराण 9.16.29; विष्णुपुराण 4.7.38; वायुपुराण 91.96
  2. पौराणिक कोश |लेखक: राणा प्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 395 |
  3. भागवतपुराण 10.74.9
  4. मत्स्यपुराण 145.112

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