कस-बल निकाल देना  

कस-बल निकाल देना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- निढाल कर तथा कमज़ोर बना देना।

प्रयोग- था तो मलेरिया, लेकिन उसने मेरे सारे कस-बल निकाल दिए। (भूषण वनमाली)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=कस-बल_निकाल_देना&oldid=623867" से लिया गया