किस मर्ज़ की दवा  

किस मर्ज़ की दवा एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- कौन-सा काम करने के लिए उपयुक्त।

प्रयोग- मैंने बच्चे को समझा दिया है। इसे मेरे पास आना चाहिए था। मैं आख़िर किस मर्ज़ की दवा हूँ। (अश्क)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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