गंगाधर मेहरे  

गंगाधर मेहरे

गंगाधर मेहरे (अंग्रेज़ी: Gangadhara Meher, जन्म- 9 अगस्त, 1862; मृत्यु- 4 अप्रैल, 1924) उड़िया भाषा के प्रसिद्ध कवि थे।

  • गंगाधर मेहरे का जन्म एक निर्धन जुलाहा परिवार में हुआ था।[1]
  • इन्होंने कपड़े बनाते बनाते कविता करना सीखा।
  • इनके अनेक काव्य ग्रंथों में 'प्रणय वल्लरी' और 'तपस्विनी' सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं।
  • इन्हें उड़िया भाषा का कालिदास कहा जाता है।
  • गंगाधर मेहरे का 4 अप्रैल, 1924 ई. को देहांत हो गया।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय संस्कृति कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: राजपाल एंड सन्ज, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 263 |

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