गले पड़ा ढोल बजाना  

गले पड़ा ढोल बजाना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- विवश होकर कोई काम करना या दायित्व निभाना।

प्रयोग- रामवीर तो आज भी उनकी नौकरी कर के अपने गले में पड़ा ढोल बजा रहा है बेचारा।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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