जली-कटी सुनाना  

जली-कटी सुनाना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- ईर्ष्या, क्रोध आदि के कारण कड़ी और कड़वी बातें कहना।

प्रयोग- ऐसी जली-कटी सुना रही थी कि लोगों की सहानुभुति उससे दूर होती जा रही थी।(प्रेमचंद)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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