ज़बान पर होना  

ज़बान पर होना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- स्मरण रहना, याद होना।

प्रयोग- सड़कों के मोड़-मोड़ पर कितनी सभाएँ हुई थीं उन दिनों, कितने जुलूस निकले थे और कितने जोशीले गाने लोगों की ज़बान पर थे।(गिरधर गोपाल)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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