जान की बाज़ी लगाना  

जान की बाज़ी लगाना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- जान को ख़तरे या जोखिम में डालना।

प्रयोग- जेल गए, डंडे और गोलियाँ खाईं जन-साधारण के कल्याण के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी।-गिरिधर गोपाल


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=जान_की_बाज़ी_लगाना&oldid=625793" से लिया गया