बगल गरम करना  

बगल गरम करना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- सहवास करना।

प्रयोग- परंतु समझ में न आने वाली बात यह थी कि निक्की सबको छोड़-छाड़कर उसी की बगल गरम करती थी। (बलवंत सिंह)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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